होटल ट्राइडेंट में हुई उद्धव और अहमद पटेल की गुपचुप बैठक, सरकार बनाने पर हुई चर्चा

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक पार्टियां किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंची. बीजेपी के इनकार के बाद शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ सरकार बनाने की कोशिश की, लेकिन सरकार नहीं बन पाई.

होटल ट्राइडेंट में हुई उद्धव और अहमद पटेल की गुपचुप बैठक, सरकार बनाने पर हुई चर्चा

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक पार्टियां किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंची. बीजेपी के इनकार के बाद शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ सरकार बनाने की कोशिश की, लेकिन सरकार नहीं बन पाई. अब महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग चुका है. एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजीत पवार ने कहा है कि कांग्रेस के नेताओं से हमारी बातचीत हुई है. जो भी फैसला होगा वो शरद पवार ही करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी एनसीपी के संपर्क में है. वहीं शिवसेना कांग्रेस के संपर्क में है. कल रात उद्धव ठाकरे मातोश्री के पीछे के रास्ते से अहमद पटेल को होटल ट्राइडेंट मिलने पहुंचे थे.दोनों नेताओं ने माना है कि बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए सभी को एक साथ आना होगा. करीब आधे घंटे तक दोनों के बीच बातचीत हुई है. अहमद पटेल इस मिटिंग की पूरी जानकारी सोनिया गांधी को देंगे.
राज्य में राष्ट्रपति शासन के बीच कल रात होटल ट्राइडेंट में उद्धव ठाकरे और अहमद पटेल के बीच मुलाकात हुई है. दोनों नेताओं ने सरकार बनाने के लिए क्या-क्या करना होगा? दोनों के बीच कॉमन मिनीमम प्रोग्राम को लेकर भी चर्चा हुई. उद्धव ठाकरे ने बीजेपी के साथ लोकसभा चुनाव से पहले हुई डील का ब्योरा भी दिया है। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक पार्टियां किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंची. बीजेपी के इनकार के बाद शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ सरकार बनाने की कोशिश की, लेकिन सरकार नहीं बन पाई. अब महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग चुका है. शिवसेना राष्ट्रपति शासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है. जिसपर आज ही सुनवाई हो सकती है. हालांकि अभी भी शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच सरकार बनाने की कोशिशें जारी हैं. महाराष्ट्र में साल 2014 में 33 दिनों के लिए राष्ट्रपति शासन रहा.था। 2014 में चुनाव होने से ठीक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने राज्य में 15 साल के कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन के टूटने के बाद इस्तीफा दे दिया, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रपति शासन लगा....राष्ट्रपति शासन के बाद विधानसभा निलंबित अवस्था में है. जानकारों के मुताबिक, महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन भले ही लागू हो गया हो लेकिन राष्ट्रपति शासन के जरिए विधानसभा को सिर्फ सस्पेंडध्निलंबित रखा गया है. इसका मतलब यह हुआ कि जब भी कोई पार्टी बहुमत का दावा कर राज्यपाल को पूरी लिस्ट सौंपेगी तो उसके बाद उसको मौका दिया जा सकता है. इसी के मद्देनजर शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के साथ-साथ बीजेपी भी सरकार बनाने के प्रयास में जुट गई है. बता दें कि बीजेपी ने पहले सरकार बनाने का दावा छोड़ दिया था लेकिन शिवसेना ने उसका साथ नहीं दिया. राष्ट्रपति शासन लगते ही बीजेपी वापस मैदान में आई. देवेंद्र फडणवीस, नारायण राणे, सुधीर मुनगंटीवार एक सुर से कह रहे हैं कि स्थिर सरकार बनेगी.