शशि थरूर 27 नवंबर को कोर्ट में हाजिर हो: कोर्ट

शशि थरूर की मुसीबत बढ़ी, कोर्ट ने जारी किया वारंट, पीएम मोदी पर दिया था आपत्तिजनक बयान। शशि थरूर और उनके वकील के उपस्थित न होने के बाद कोर्ट ने ये वारंट जारी किया।

शशि थरूर 27 नवंबर को कोर्ट में हाजिर हो: कोर्ट

न्यूज डेस्क। शशि थरूर की मुसीबत बढ़ी, कोर्ट ने जारी किया वारंट, पीएम मोदी पर दिया था आपत्तिजनक बयान। शशि थरूर और उनके वकील के उपस्थित न होने के बाद कोर्ट ने ये वारंट जारी किया। पिछले साल नवंबर में शशि थरूर के उस बयान पर बवाल मच गया था, जब उन्होंने बेंगलुरु लिटरेचर फेस्टिवल में बोलते समय कहा था कि आरएसएस के एक व्यक्ति ने उनसे कहा है कि पीएम मोदी शिवलिंग पर बैठे एक बिच्छू के समान हैं। कांग्रेस के नेता और तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर के खिलाफ मानहानि के मामले में दिल्ली कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट में उपस्थित न होने के कारण थरूर के खिलाफ ये वारंट जारी किया गया है। चीफ मेट्रोपोलिटिन मजिस्ट्रेट नवीन कुमार कश्यप ने इस मामले में जमानती वारंट जारी किया है. साथ ही 27 नवंबर 2019 को उन्हें कोर्ट में उपस्थित रहने के लिए नोटिस भी जारी किया है. कोर्ट ने ये नोटिस तब जारी किया जब शशि थरूर और उनके वकील केस की सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुए और न ही उन्होंने अनुपस्थित रहने की वजह बताते हुए एप्लीकेशन दी थी. केस की सुनवाई के दौरान केस दाखिल करने वाले राजीव बब्बर और उनके मुख्य वकील भी उपस्थित नहीं हुए. हालांकि उनकी ओर से इस मामले में एप्लिकेशन कोर्ट में दी गई थी. पिछले साल नवंबर में थरूर के बयान पर उस समय बवाल उठ खड़ा हुआ था, जब उन्होंने बेंगलुरु लिटरेचर फे स्टिवल में बोलते समय कहा था कि आरएसएस के व्यक्ति ने उनसे बातचीत के दौरान पीएम मोदी की तुलना ऐसे बिच्छू से की थी, जो शिवलिंग पर बैठा है, जिसे मारा भी नहीं जा सकता। हालांकि थरूर ने उस नेता के नाम का खुलासा नहीं किया था। इस बयान पर दिल्ली बीजेपी नेता राजीव बब्बर ने शशि थरूर के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकद्मा दायर किया था। इसमें उन्होंने दावा किया था कि इससे लोगों की धार्मिक मान्यताएं आहत हुई हैं. अपनी शिकायत में राजीव बब्बर ने कहा था कि शशि थरूर ने यह बयान बदनीयती से दिया था जिसकी वजह से न केवल हिंदू देवता को नीचा दिखाया गया बल्कि यह अपमानजनक भी था.