प्रभावित इलाके का हवाई सर्वेक्षण करेंगी सीएम ममता बनर्जी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों को 118 शिविरों में रखा गया है। प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जा रही है। चक्रवात बुलबुल के कारण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रस्तावित सभी कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया है।

प्रभावित इलाके का हवाई सर्वेक्षण करेंगी सीएम ममता बनर्जी

कोलकाता। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों को 118 शिविरों में रखा गया है। प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जा रही है। चक्रवात बुलबुल के कारण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रस्तावित सभी कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया है। उन्होंने कहा, तबाही के कारणों का करेंगी वह सर्वे। साथ वह प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे भी कर रही हैं। बुलबुल ने बंगाल के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। हम आपको बता दें कि बुलबुल से प्रदेश में अब तक करीब दस लोगों की मौत हो गई है। सुंदरवन के पास बकखाली, नामखाना, काकद्वीप और सागरद्वीप में चारों ओर तबाही का मंजर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फोन पर बात की है और हर संभव मदद देने को कहा है। इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रस्तावित सभी कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया है और वे सोमवार को प्रभावित इलाके का हवाई सर्वेक्षण करेंगी। सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि भयंकर चक्रवात बुलबुल के कारण मैंने आगामी सप्ताह में प्रस्तावित उत्तर बंगाल दौरा स्थगित करने का निर्णय लिया है। इसके बजाय, कल (सोमवार) मैं नामखाना और बकखली के आसपास के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करूंगी। बाद में, मैं चक्रवात से प्रभावित लोगों के राहत और पुनर्वास उपायों की समीक्षा करने के लिए प्रशासन के साथ काकद्वीप में एक बैठक करूंगी। इसके बाद मैं 13 नवंबर को उत्तर 24-परगना के बशीरहाट में चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की भी योजना बना रही हूं। 
चक्रवात से करीब एक लाख 65 हजार लोग विस्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि मैं शनिवार की देर रात तक कंट्रोल रूम में मौजूद थी और स्थिति पर नजर बनाए हुए थी। इसके साथ ही सभी प्रशासनिक अधिकारियों को अगले आदेश तक संबंधित उक्त इलाके में मुस्तैद रहने को कहा है। उधर, सचिवालय नवान्न सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को नवान्न में होने वाली प्रशासनिक बैठक को भी रद कर दिया है। इस बैठक में अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले नगर निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर समीक्षा होनी थी जिसमें राज्य सचिव से लेकर मंत्री समेत जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाया गया था।